चतुर्थ दिवस कैकेयी-मंथरा और दशरथ-कैकेयी संवादों का हुआ भावपूर्ण मंचन
अल्मोड़ा। श्री भुवनेश्वर महादेव मंदिर एवं रामलीला समिति, कर्नाटक खोला की रामलीला के चतुर्थ दिवस रामायण के भावनात्मक प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कैकेयी-मंथरा संवाद और दशरथ-कैकेयी संवाद ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। कलाकारों की उत्कृष्ट अभिनय क्षमता, भावपूर्ण संवाद और मधुर गायिकी ने रामलीला मैदान में उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
चतुर्थ दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. हरीश रौतेला, क्षेत्र संपर्क प्रमुख, पश्चिम उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड क्षेत्र, विशिष्ट अतिथि रवि रौतेला, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष तथा होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में डॉ. हरीश रौतेला ने कहा कि लोककलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने में रामलीला जैसे आयोजन अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में धार्मिक आस्था के साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने रामलीला समिति के संस्थापक एवं संयोजक पूर्व मंत्री बिट्टू कर्नाटक के प्रयासों की सराहना करते हुए नशामुक्त रामलीला के आयोजन को समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए इस तरह के प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
मंचन के दौरान मंथरा द्वारा कैकेयी को प्रभावित करने तथा कैकेयी और महाराज दशरथ के बीच हुए संवादों को कलाकारों ने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इन प्रसंगों में भावनाओं के उतार-चढ़ाव और पात्रों की मनोदशा का प्रभावशाली चित्रण देखने को मिला। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे और कलाकारों के प्रदर्शन की प्रशंसा की।
लीला में कोमल जोशी ने राम, गायत्री तिवारी ने लक्ष्मण, वैष्णवी जोशी ने सीता, मनीष तिवारी ने दशरथ, दिव्या काण्डपाल ने कैकेयी, रेखा जोशी ने मंथरा, मीनाक्षी जोशी ने कौशल्या तथा नेहा जोशी ने सुमित्रा का अभिनय किया। सभी कलाकारों ने अपने किरदारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
आयोजन को ऑनलाइन माध्यम से भी दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिला। लोगों ने संदेश भेजकर कलाकारों के अभिनय और समिति की सांस्कृतिक पहल की सराहना की।
इस अवसर पर आनन्द सिंह नयाल, भुवन चन्द्र कर्नाटक, लीलाधर कांडपाल, पूरन चन्द्र तिवारी, जगदीश चन्द्र तिवारी, बद्री प्रसाद कर्नाटक, रमेश चंद्र जोशी, कमलेश कर्नाटक, कपिल मल्होत्रा, अनिल रावत, कैलाश चन्द्र तिवारी, कमलेश पाण्डे, कमल पालीवाल, चन्दन जोशी, मथुरा दत्त कांडपाल, ललिता कर्नाटक, सीमा कर्नाटक, आशा मेहता, कंचन पाण्डे, भावना भट्ट, कविता पाण्डे, हंसा दत्त कर्नाटक, बृजेश पाण्डे, दिनेश मठपाल, चन्द्रशेखर सती, योगेश जोशी, अमर बोरा, हेम जोशी और कमला तिवारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं दर्शक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन भावना मल्होत्रा ने किया।
संस्कृति के संरक्षण और नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं रामलीलाएं : डॉ. हरीश रौतेला
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