मोहित खंडूरी और अनिल रावत के भजनों ने बांधा समां, आगामी दिनों में होंगी लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
अल्मोड़ा। नगर में आयोजित दुर्गा महोत्सव में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। दुर्गा महोत्सव समिति, माल रोड, चौघानपाटा, जोशी खोला एवं थपलिया की ओर से आयोजित यह महोत्सव अपने दसवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह है। मां दुर्गा के जयकारों और संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
महोत्सव के दौरान पंडाल में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं एवं बच्चे संकीर्तन कर मां दुर्गा की महिमा का गुणगान कर रहे हैं। मुख्य शास्त्री राजेश जोशी और उनके सहयोगी केवलानंद भट्ट के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। प्रतिदिन शाम छह से आठ बजे तक पूजा-अर्चना और आरती होती है। इसके बाद रात नौ बजे से भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
हाल ही में आयोजित भजन संध्या में वृंदावन से आए मोहित खंडूरी एवं अनिल रावत ने मां भगवती के भजनों की प्रस्तुति दी। उनकी भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में भक्तों ने भजनों का आनंद लिया। इस दौरान दीपक रावत, मिंटू, सुनील, गुड्डू भाई एवं रूपेश जोशी ने संगीत संगत में सहयोग दिया।
समिति की ओर से आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें महिलाओं के लिए मेहंदी रचाओ कार्यक्रम, पारंपरिक छपेली नृत्य और कुमाऊंनी लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां शामिल हैं। बाहरी कलाकारों के साथ स्थानीय लोक कलाकार भी मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और मां दुर्गा की महिमा का गुणगान करेंगे।
दस वर्षों से आयोजित हो रहा यह महोत्सव क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण का माध्यम बना है। आयोजन के जरिए लोगों को एक मंच पर लाने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, लोकगीतों और लोकनृत्यों से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजक: दुर्गा महोत्सव समिति, माल रोड, चौघानपाटा, जोशी खोला एवं थपलिया, अल्मोड़ा।
दस साल से आस्था और संस्कृति का संगम बना अल्मोड़ा का दुर्गा महोत्सव
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