भूपेंद्र भोज का आरोप—लीज और पीपीपी परियोजनाओं में पारदर्शिता जरूरी
अल्मोड़ा। सरकारी जमीनों एवं संपत्तियों को लीज और पीपीपी मोड के तहत निजी क्षेत्र को उपलब्ध कराने को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि प्रदेश की बहुमूल्य जमीनें जनता की सार्वजनिक संपत्ति हैं और इनके उपयोग से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता आवश्यक है।
भोज ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य के किन विभागों की कितनी भूमि लीज पर दी जा रही है, लीज की अवधि कितनी है, संबंधित कंपनियों का चयन किस प्रक्रिया के तहत किया गया और राज्य को इससे कितना राजस्व प्राप्त होगा।
उन्होंने मसूरी स्थित जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट की करीब 142 एकड़ भूमि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस संपत्ति को निजी ऑपरेटर को 15 वर्ष के लिए दिए जाने को लेकर सार्वजनिक रूप से कई सवाल उठे हैं। उत्तराखंड हाईकोर्ट के जनवरी 2026 के फैसले में भी 142 एकड़ भूमि के सफल बोलीदाता को दिए जाने और 2022 में हुई बोली का उल्लेख मिलता है।
कांग्रेस द्वारा उपलब्ध कराए गए आरोपों के अनुसार इस भूमि और वहां विकसित सुविधाओं के लिए लगभग एक करोड़ रुपये वार्षिक लाइसेंस फीस का उल्लेख किया गया है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने भूमि के आर्थिक मूल्य और लीज शर्तों को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
भोज ने UIIDB की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी भूमि के विकास में निजी भागीदारी की व्यवस्था बनाते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग पारदर्शी प्रक्रिया और स्पष्ट जनहित के आधार पर हो। UIIDB की आधिकारिक भूमि नीलामी गाइडलाइन में सरकारी भूमि को निर्धारित परियोजनाओं के लिए लीज पर देने तथा कुछ परियोजनाओं में अधिकतम 90 वर्ष तक की लीज का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जनहित के क्षेत्रों में सरकारी संपत्तियों के उपयोग की पर्याप्त संभावनाएं हैं। इसलिए सरकार को प्रत्येक परियोजना के दीर्घकालिक प्रभाव का सार्वजनिक रूप से विवरण देना चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की कि सरकारी भूमि और संपत्तियों से जुड़े सभी प्रमुख लीज एवं पीपीपी प्रस्तावों की निविदा, मूल्यांकन, लीज राशि, अवधि, शर्तें और लाभार्थी संस्था की जानकारी सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विषय पर सरकार से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग करती रहेगी।
सरकारी संपत्तियों पर कांग्रेस ने मांगा हिसाब
Leave a Comment
