माँ अंबे इंस्टीट्यूट के ‘उत्कर्ष-2026’ में विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए रंगारंग कार्यक्रम
अल्मोड़ा। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में खेल, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य के साथ माँ अंबे इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज, अल्मोड़ा में वार्षिक सांस्कृतिक एवं खेल सप्ताह ‘उत्कर्ष-2026’ का शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत, नृत्य और खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अतिथियों एवं अन्य विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन के दौरान छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुंदन लटवाल, राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में गंगा बिष्ट, राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार ने सहभागिता की। कार्यक्रम में अशोक कंवाल, दीपक शर्मा, गोपाल, मनीष कंवल एवं ललित सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
माँ अंबे इंस्टीट्यूट के चेयरमैन संदीप सिंह यादव और वाइस चेयरमैन डॉ. प्रीति पाल की मौजूदगी में कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। अतिथियों एवं संस्थान के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर आयोजन की शुरुआत की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में शिक्षा के साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का विशेष महत्व है। खेल विद्यार्थियों में अनुशासन और टीम भावना विकसित करते हैं, जबकि सांस्कृतिक गतिविधियां उनकी रचनात्मक क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को ‘उत्कर्ष-2026’ में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि प्रतिस्पर्धा में जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण उसमें भाग लेकर सीखने और अपने कौशल को बेहतर बनाने का प्रयास है।
संस्थान की ओर से बताया गया कि ‘उत्कर्ष-2026’ के तहत आने वाले दिनों में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें संस्थान के छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेंगे।
आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी प्रतिभा को सामने ला सकें और पढ़ाई के साथ अपनी अन्य क्षमताओं का भी विकास कर सकें। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

