अल्मोड़ा। अल्मोड़ा पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत चलाया जा रहा जनजागरूकता एवं पुनर्वास अभियान अब समाज में सकारात्मक प्रभाव छोड़ता दिखाई दे रहा है। “नारकोटिक्स एनोनिमस एवं अल्कोहल एनोनिमस” सोसाइटी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय अभियान का समापन पुलिस लाइन सभागार में हुआ, जहां नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और लोगों को पुनर्वास से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चन्द्रशेखर घोडके के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद पुलिस कर्मियों के अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुमाऊं रेंज के कई पुलिस जवान भी शामिल हुए। प्रशिक्षण सत्र में नशे के दुष्प्रभाव, पुनर्वास प्रक्रिया, सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
एसएसपी चन्द्रशेखर घोडके ने कहा कि नशा वर्तमान समय में समाज के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज, परिवार और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग जनजागरूकता के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत कर रहा है।
उन्होंने पुलिस कर्मियों से आह्वान किया कि वे समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने के लिए स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने परिवार और आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करे तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद “नारकोटिक्स एनोनिमस एवं अल्कोहल एनोनिमस” सोसाइटी के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नशा किसी भी व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं कभी नशे की गिरफ्त में थे, लेकिन परिवार और समाज के सहयोग से उन्होंने अपने जीवन को नई दिशा दी।
सोसाइटी सदस्यों ने बताया कि नशा केवल स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और पारिवारिक संबंधों को भी कमजोर कर देता है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और जरूरत पड़ने पर पुनर्वास केंद्रों एवं सामाजिक संस्थाओं से मदद लेने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान अल्मोड़ा पुलिस ने समाजहित में कार्य कर रहे सोसाइटी सदस्यों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समाज में जागरूकता फैलाने में इन संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और उनके सहयोग से नशामुक्त अभियान को और मजबूती मिल रही है।
अभियान का सबसे सकारात्मक पहलू यह रहा कि जिले के पांच लोगों ने स्वयं आगे आकर पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने “नारकोटिक्स एनोनिमस एवं अल्कोहल एनोनिमस” सोसाइटी से संपर्क कर नशे से बाहर निकलने की दिशा में कदम बढ़ाया। साथ ही उन्होंने समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का भी संकल्प लिया।
इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी अल्मोड़ा ने भी नशामुक्ति अभियान में हरसंभव सहयोग देने की बात कही। कार्यक्रम में सीओ बलवन्त सिंह रावत, प्रतिसार निरीक्षक रमेश चन्द्र, प्रभारी एएनटीएफ एवं पीआरओ राहुल राठी, प्रभारी एसओजी सुनील धानिक, सहायक समाज कल्याण अधिकारी चन्द्र और अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और अल्मोड़ा को नशामुक्त जनपद बनाने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
