Friday, 19 Jun 2026
  • My Feed
  • My Interests
  • My Saves
  • History
  • Blog
Subscribe
GOVISHAN DARSHAN
  • ताजा खबर
    11 दिनों तक सजेगा संस्कृति का मंच, कुमाऊं महोत्सव में दिखेगी लोक परंपराओं की झलक
    June 17, 2026
    स्वच्छ अल्मोड़ा की ओर कदम, डुबकियां और जोहरी बाजार में बांटे गए गीले-सूखे कचरे के डस्टबिन
    June 17, 2026
    नियम आम जनता के लिए, पुलिस के लिए नहीं? नो-एंट्री में खड़े वाहन बढ़ा रहे माल रोड की परेशानी
    June 16, 2026
    एनसीसी कैडेटों को मिला सेना में सुनहरे भविष्य का मंत्र, शिविर में करियर और तकनीक का अनोखा संगम
    June 16, 2026
    पुलिस स्टिकर का कमाल! अल्मोड़ा में नियम भी करते हैं सलाम
    June 15, 2026
    भैरव मंदिर के पास घायल गोवंश की मदद को आगे आए लोग, जनप्रतिनिधियों ने संभाली कमान
    June 14, 2026
  • ई-पेपरNew
  • उत्तराखण्ड
    • अल्मोड़ा
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • देहरादून
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • बागेश्वर
  • चुनाव
  • देश
  • सांस्कृतिक
  • 🔥
  • ताजा खबर
  • उत्तराखण्ड
  • अल्मोड़ा
  • चम्पावत
  • देहरादून
  • देश
  • District plan worth ₹76.91 crore approved
  • Workshop organized on 'World Intellectual Property Day' in Almora
  • पिथौरागढ़
Font ResizerAa
GOVISHAN DARSHANGOVISHAN DARSHAN
  • ताजा खबर
  • ई-पेपरNew
  • उत्तराखण्ड
  • चुनाव
  • देश
  • सांस्कृतिक
Search
  • ताजा खबर
  • ई-पेपरNew
  • उत्तराखण्ड
    • अल्मोड़ा
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • देहरादून
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • बागेश्वर
  • चुनाव
  • देश
  • सांस्कृतिक
Have an existing account? Sign In
Follow US
© {Year} GOVISHAN DARSHAN. All Rights Reserved.
उत्तराखण्डताजा खबरपिथौरागढ़

वैज्ञानिक सोच और मातृभाषा आधारित बालसाहित्य समय की जरूरत : विशेषज्ञ

भावना मल्होत्रा
Last updated: May 15, 2026 3:57 am
भावना मल्होत्रा
Share
Scientific thinking and mother tongue based children's literature is the need of the hour: Experts
SHARE

डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) डीडीहाट में आयोजित “बालसाहित्य और बच्चे” विषयक संगोष्ठी में शिक्षाविदों और साहित्यकारों ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के लिए वैज्ञानिक सोच, तार्किक दृष्टिकोण और मातृभाषा आधारित साहित्य की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। संगोष्ठी का आयोजन अल्मोड़ा से प्रकाशित बाल पत्रिका बालप्रहरी और डायट डीडीहाट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डायट प्राचार्य भाष्करानंद पांडे ने कहा कि बच्चे जन्मजात जिज्ञासु होते हैं और उनके भीतर असीम संभावनाएं छिपी होती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और सवाल पूछने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति बच्चों में तार्किक और वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर बल देती है, इसलिए बालसाहित्य को भी उसी दिशा में आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी युग में बच्चों को केवल मनोरंजन नहीं बल्कि ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी साहित्य की भी आवश्यकता है। ऐसा साहित्य बच्चों में रचनात्मकता, जिज्ञासा और सकारात्मक सोच विकसित कर सकता है।

पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी डी एस पांगती ने कहा कि आज बड़ी मात्रा में बालसाहित्य लिखा जा रहा है, लेकिन उसे बच्चों तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था नहीं बन पाई है। उन्होंने कहा कि बालसाहित्यकारों को बच्चों की भावनाओं और मनोविज्ञान को समझकर सरल और रोचक भाषा में लिखना चाहिए।

राजकीय इंटर कॉलेज जौरासी के शिक्षक धीरज खड़ायत ने कहा कि आज मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण पढ़ने की संस्कृति कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों को स्वयं पढ़ने की आदत विकसित करनी होगी, तभी बच्चे भी पुस्तकों की ओर आकर्षित होंगे।

उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में लोग घंटों मोबाइल पर समय बिताते हैं लेकिन पुस्तक पढ़ने के लिए समय नहीं निकाल पाते। इससे बच्चों में साहित्य और पुस्तकों के प्रति रुचि कम होती जा रही है। उन्होंने सभी से पुस्तक संस्कृति को पुनर्जीवित करने की अपील की।

डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में विदेशी भाषाओं का ज्ञान आवश्यक है, लेकिन इसके साथ मातृभाषा को बचाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा बच्चों की संस्कृति, परंपरा और भावनात्मक विकास से जुड़ी होती है।

प्रधानाचार्य एवं साहित्यकार प्रेमसिंह पापड़ा ने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में बालसाहित्य के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि तकनीक का सकारात्मक उपयोग किया जाए तो बालसाहित्य को अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचाया जा सकता है।

डायट प्रवक्ता पुनीत प्रकाश जोशी ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण बच्चे प्रकृति और पारिवारिक मूल्यों से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले बच्चे दादा-दादी की कहानियां सुनते थे और प्रकृति के बीच खेलते थे, लेकिन आज मोबाइल और कंप्यूटर ने उनकी दुनिया बदल दी है। उन्होंने कहा कि बालसाहित्य के माध्यम से बच्चों को प्रकृति, संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जोड़ना होगा।

कार्यक्रम में बालप्रहरी के संपादक उदय किरौला ने आगामी राष्ट्रीय बालसाहित्य संगोष्ठी की जानकारी देते हुए बताया कि जून 2026 में डीडीहाट में देशभर के लगभग 100 साहित्यकारों की भागीदारी के साथ राष्ट्रीय स्तर का आयोजन किया जाएगा।

संगोष्ठी में शिक्षकों, साहित्यकारों और प्रशिक्षुओं ने बालसाहित्य को बच्चों के समग्र विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए इसे विद्यालयों और समाज में अधिक प्रभावी रूप से पहुंचाने पर जोर दिया।

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article The "Drug Free India Campaign" is receiving public support in Almora; police initiatives have increased awareness. “नशा मुक्त भारत अभियान” को अल्मोड़ा में मिल रहा जनसमर्थन, पुलिस की पहल से बढ़ी जागरूकता
Next Article NEET पेपर लीक के विरोध में युवा कांग्रेस सड़क पर, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!

Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
LinkedInFollow
MediumFollow
QuoraFollow
- Advertisement -
Ad image

You Might Also Like

अल्मोड़ाउत्तराखण्डताजा खबर

द्वाराहाट में गूंजा अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश, एनसीसी शिविर में 500 कैडेटों का उत्साह

By भावना मल्होत्रा
Department-wise review regarding resolution of complaints, instructions for quick disposal
ताजा खबर

शिकायतों के समाधान को लेकर विभागवार समीक्षा, त्वरित निस्तारण के निर्देश

By भावना मल्होत्रा
Women safety and cyber awareness campaign intensified in schools, students made aware
ताजा खबर

स्कूलों में महिला सुरक्षा व साइबर जागरूकता अभियान तेज, छात्रों को किया जागरूक

By भावना मल्होत्रा
अल्मोड़ाउत्तराखण्डताजा खबर

तड़म पहुंचे डीएम अंशुल सिंह, पीड़ित परिवार को दिया संबल; निरीक्षण से गायब अधिकारी पर कार्रवाई

By भावना मल्होत्रा
GOVISHAN DARSHAN
Facebook Twitter Youtube Rss Medium

About US


GOVISHAN DARSHAN: Your instant connection to breaking stories and live updates. Stay informed with our real-time coverage across politics, tech, entertainment, and more. Your reliable source for 24/7 news.

Top Categories
  • Blog
  • Buzzstream Home
  • Contact
  • e-Paper
  • History
  • My Feed
  • My Interests
  • My Saves
Usefull Links
  • Contact Us
  • Advertise with US
  • Complaint
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Submit a Tip

© 2026 GOVISHAN DARSHAN. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?