मंच देने के नाम पर महिला समितियों से कथित वसूली, मैदान आवंटन से लेकर सुरक्षा तक उठाए सवाल
अल्मोड़ा। ऐतिहासिक नंदादेवी मेले की व्यवस्थाओं और मेले के दौरान सामने आए हादसे को लेकर भाजपा नेत्री किरन पंत ने कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नंदादेवी मेला अल्मोड़ा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है, ऐसे में इसकी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
किरन पंत ने कहा कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिलाओं और महिला समितियों की महत्वपूर्ण भागीदारी रहती है। महिलाएं अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मेले की शोभा बढ़ाती हैं। ऐसे में मंच उपलब्ध कराने के नाम पर महिला समितियों से राशि लिए जाने की बात सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि कार्यक्रम में मंच देने के नाम पर राशि लेने का नियम क्या है और इस धनराशि का उपयोग किस मद में किया जाता है।
पंत ने कहा कि स्टार नाइट और अन्य कार्यक्रमों के नाम पर 25 से 30 हजार रुपये तक लिए जाने की बात सामने आती रही है। वहीं इस वर्ष महिला समितियों से 60 हजार रुपये तक लिए जाने की बात भी सुनने में आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी राशि वास्तव में ली गई है तो मेला समिति को इसका पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।
मैदान आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल
किरन पंत ने विद्यालय के मैदान के इस्तेमाल और उसके आगे आवंटन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि विद्यालय ने किस नियम और अनुमति के तहत मैदान मेला समिति को उपलब्ध कराया।
उन्होंने सवाल किया कि यदि विद्यालय से मैदान मेला समिति को आवंटित किया जाता है और उसके बाद मेला समिति उसी मैदान को अन्य कार्यक्रमों के लिए अधिक राशि लेकर आगे आवंटित करती है, तो इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है? मैदान किस राशि में लिया गया और आगे किस राशि में दिया गया, इसका हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए।
पिछले साल की मौत का भी उठाया मुद्दा
पंत ने पिछले वर्ष मेले के दौरान हुई मारपीट के बाद एक व्यक्ति की मौत का मुद्दा भी उठाया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सितंबर 2025 में मेले के दौरान हुई मारपीट में हेम चंद्र सोराड़ी घायल हुए थे और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
किरन पंत ने सवाल उठाया कि घटना को एक साल बीतने के बाद भी क्या मेले की सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार किए गए? उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से सीख लेकर भविष्य के आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।
“आखिर जिम्मेदार कौन?”
किरन पंत ने देर रात तक तेज ध्वनि बजने से स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय और प्रशासन की ओर से ध्वनि को लेकर दिशा-निर्देश निर्धारित हैं तो उनका पालन सुनिश्चित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मेले में यदि सुरक्षा, ध्वनि नियंत्रण, मैदान आवंटन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ली जाने वाली राशि और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
पंत ने मांग की कि मेला समिति की आय-व्यय, मैदान आवंटन, कार्यक्रमों के लिए ली गई राशि और सुरक्षा व्यवस्थाओं की पारदर्शी समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि नंदादेवी मेला आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, इसलिए इसकी प्रतिष्ठा के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
नंदादेवी मेले की व्यवस्थाओं पर किरन पंत के सवाल
Leave a Comment

