शपथ ग्रहण एवं बैज अलंकरण समारोह में नवनिर्वाचित छात्र नेताओं ने संभाली जिम्मेदारी, एनसीसी कैडेट्स और शिक्षकों का भी हुआ सम्मान
अल्मोड़ा। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास भी उसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इसी सोच को साकार करते हुए स्थानीय स्प्रिंगडेल स्कूल, अल्मोड़ा में शनिवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र परिषद (स्टूडेंट काउंसिल) का शपथ ग्रहण एवं बैज अलंकरण समारोह भव्य और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लोकतंत्र और आधुनिक तकनीक का ऐसा समन्वय देखने को मिला जिसने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया।
इस वर्ष विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वयं सॉफ्टवेयर विकसित कर डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) तैयार की। इसी डिजिटल प्रणाली के माध्यम से छात्र परिषद का चुनाव संपन्न कराया गया। मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित रही, जिससे विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक चुनाव की वास्तविक प्रक्रिया को समझने और अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ। विद्यालय की इस अभिनव पहल को उपस्थित सभी लोगों ने सराहा।
चुनाव में कक्षा 4 से लेकर कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी छात्र-छात्राओं ने डिजिटल ईवीएम के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग कर छात्र परिषद के प्रतिनिधियों का चयन किया। मतदान के दौरान विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति विशेष उत्साह दिखाई दिया। विद्यालय प्रशासन ने भी पूरी चुनाव प्रक्रिया को अत्यंत व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।
शपथ ग्रहण समारोह के मुख्य अतिथि जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ‘गुड्डू’ रहे, जबकि कांग्रेस के जिला प्रवक्ता निर्मल रावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विद्यालय परिवार ने दोनों अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
मुख्य अतिथि भूपेंद्र सिंह भोज ने नवनिर्वाचित छात्र परिषद के पदाधिकारियों को बैज पहनाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था में नेतृत्व का अर्थ केवल अधिकार प्राप्त करना नहीं होता, बल्कि जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना अधिक महत्वपूर्ण होता है। छात्र परिषद के सदस्य अपने सहपाठियों की समस्याओं को समझें, उनकी भावनाओं का सम्मान करें तथा विद्यालय प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करें। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भावना को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि निर्मल रावत ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय जीवन में प्राप्त नेतृत्व के अवसर भविष्य में व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत नींव साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी आज विद्यालय में जिम्मेदारी निभाना सीखते हैं, वही आगे चलकर समाज और देश के सफल नागरिक बनते हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्य ज्योत्सना सोहनलाल ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और लोकतांत्रिक सोच वाला नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और देश की प्रगति में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए विद्यालय स्तर से ही विद्यार्थियों को लोकतंत्र, मतदान प्रक्रिया और नेतृत्व के मूल सिद्धांतों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रधानाचार्य ने कहा कि छात्र परिषद का चुनाव बच्चों में आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता, उत्तरदायित्व और नेतृत्व कौशल विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। इस वर्ष विद्यार्थियों द्वारा स्वयं तैयार की गई डिजिटल ईवीएम इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी तकनीक का सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग करने में सक्षम है। उन्होंने इस उपलब्धि पर सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को बधाई दी।
समारोह के दौरान विद्यालय के एनसीसी कैडेट्स को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं, अनुशासन और समर्पण के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि एनसीसी विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न शिक्षकों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी शिक्षक अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यक्रम के दौरान नवनिर्वाचित छात्र परिषद के सदस्यों ने विद्यालय की गरिमा बनाए रखने, अनुशासन का पालन करने, विद्यार्थियों की समस्याओं को सकारात्मक रूप से विद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने तथा विद्यालय के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। पूरे समारोह में उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन छात्राओं इनीका एवं कैरवी ने संयुक्त रूप से किया। दोनों छात्राओं ने आत्मविश्वास और उत्कृष्ट मंच संचालन कौशल का परिचय देते हुए पूरे समारोह को आकर्षक बनाया। समारोह के समापन पर प्रधानाचार्य ज्योत्सना सोहनलाल ने मुख्य अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, तकनीक और शिक्षा का यह समन्वय विद्यार्थियों को भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेगा।
राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। विद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि नवगठित छात्र परिषद विद्यालय में अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग और सकारात्मक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी तथा विद्यार्थियों द्वारा विकसित डिजिटल ईवीएम भविष्य में भी विद्यालय की लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहेगी।
डिजिटल ईवीएम से हुआ छात्र परिषद का चुनाव, स्प्रिंगडेल स्कूल ने दिया लोकतंत्र और तकनीक का अनूठा संदेश
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