सेरा-असाण समेत कई क्षेत्रों में निरीक्षण, ग्राम प्रधान ने सरकार से मुआवजे की मांग की
भकूना। ग्राम सभा भकूना के सेरा, असाण तथा अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली सुअरों के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान होने का मामला सामने आया है। जंगली सुअरों के झुंड द्वारा खेतों में खड़ी फसलों को रौंदने और नुकसान पहुंचाने से करीब 60 परिवार प्रभावित बताए जा रहे हैं।
फसल नुकसान की शिकायत के बाद प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खेतों में पहुंचकर फसलों की स्थिति और जंगली सुअरों द्वारा किए गए नुकसान को देखा गया। इस दौरान वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड भी मौजूद रहे और उन्होंने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया।
ग्रामीणों ने बताया कि जंगली सुअरों की लगातार बढ़ती आवाजाही ने खेती करना मुश्किल बना दिया है। रात के समय जंगली सुअरों के झुंड खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत और संसाधन लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन फसल बर्बाद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेती आज भी अनेक परिवारों की आय और घरेलू जरूरतों का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में फसल नष्ट होने का असर केवल खेत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि संबंधित परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से जंगली सुअरों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
ग्राम सभा भकूना की ग्राम प्रधान ज्योति डंगवाल ने कहा कि क्षेत्र में जंगली सुअरों द्वारा किसानों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित खेतों का विभागीय स्तर पर उचित सर्वे कराया जाए और नुकसान का आकलन करने के बाद प्रभावित ग्रामीणों को नियमानुसार आर्थिक सहायता एवं मुआवजा प्रदान किया जाए।
ग्राम प्रधान ने कहा कि प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ भविष्य में जंगली सुअरों से फसलों की सुरक्षा के लिए भी ठोस व्यवस्था की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में नियमित निगरानी और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने की भी अपील की है।
भकूना के खेतों में जंगली सुअरों का कहर, 60 परिवारों की फसलें प्रभावित
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