अल्मोड़ा। द्वाराहाट विधायक मदन बिष्ट ने कांग्रेस कार्यालय अल्मोड़ा में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, भर्ती प्रक्रियाओं तथा बहुउद्देशीय जनसेवा शिविरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयोजित बहुउद्देशीय शिविर अपने मूल उद्देश्य से भटक चुके हैं और जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विधायक मदन बिष्ट ने कहा कि द्वाराहाट में हाल ही में आयोजित बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर के दौरान कई ऐसी व्यवस्थागत खामियां सामने आईं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासनिक तंत्र जनता की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब ऐसे शिविरों में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचते थे, लेकिन अब इन कार्यक्रमों में जनता की भागीदारी लगातार कम होती जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिविरों का संचालन अब जनहित के बजाय राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनता जा रहा है। उनके अनुसार कई बार ऐसे व्यक्तियों को मंच और कार्यक्रम संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है, जिनका किसी सरकारी पद या प्रशासनिक जिम्मेदारी से कोई संबंध नहीं होता। यह न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं के विरुद्ध है बल्कि सरकारी कार्यक्रमों की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
पत्रकार वार्ता में विधायक बिष्ट ने प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कथित घोटालों और पेपर लीक मामलों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने प्रदेश के युवाओं का विश्वास तोड़ा है। हजारों युवा वर्षों तक मेहनत करने के बाद भी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की उम्मीद नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह होना चाहिए।
उन्होंने बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई को भी प्रदेश की बड़ी समस्याएं बताते हुए कहा कि सरकार इन मुद्दों के समाधान में विफल साबित हुई है। उनका कहना था कि रोजगार के अवसर सृजित करने और युवाओं को बेहतर भविष्य देने के बजाय सरकार केवल प्रचार-प्रसार में व्यस्त दिखाई देती है।
मदन बिष्ट ने जल जीवन मिशन सहित कई विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने मांग की कि सरकार योजनाओं की स्वतंत्र जांच कराए तथा जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि जनता अब जवाब चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युवाओं, बेरोजगारों और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष तेज करेगी।
विधायक बिष्ट ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
