अल्मोड़ा। देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी की स्मृति को सदैव जीवित रखने की मांग अब जनभावना का रूप लेती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में अधिवक्ता विनोद चंद्र तिवारी और समाजसेवी नीमा आर्य ने प्रधानमंत्री तथा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी अल्मोड़ा के माध्यम से ज्ञापन भेजकर शहीद को स्थायी सम्मान दिए जाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं होना चाहिए। ऐसे वीरों की गाथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे, इसके लिए उनकी स्मृति में प्रतिमा, स्मारक और सार्वजनिक संस्थानों का नामकरण किया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन के अनुसार अल्मोड़ा नगर में किसी प्रमुख स्थान पर शहीद लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। साथ ही उनके नाम पर एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाए, जो देशभक्ति और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बने।
विनोद चंद्र तिवारी ने बताया कि हाल ही में वह सामाजिक कार्यकर्ता विनय किरौला सहित अन्य लोगों के साथ शहीद के घर पहुंचे थे। वहां उन्होंने शहीद के माता-पिता से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान परिवार ने अपने वीर पुत्र के बलिदान को स्थायी सम्मान मिलने की इच्छा व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि जब कोई बेटा देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करता है तो उसका बलिदान केवल परिवार का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र का होता है। ऐसे वीर सपूतों की स्मृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि किसी सार्वजनिक पार्क, सड़क, भवन अथवा शैक्षणिक संस्थान का नाम शहीद लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी के नाम पर रखा जाए। इससे युवाओं को देशसेवा की प्रेरणा मिलेगी और समाज में सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना और मजबूत होगी।
नीमा आर्य ने कहा कि शहीदों के सम्मान में बनाए गए स्मारक केवल पत्थर और संरचनाएं नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्र की आत्मा और गौरव के प्रतीक होते हैं। ऐसे स्मारक हमें यह याद दिलाते हैं कि हमारी सुरक्षा और स्वतंत्रता के पीछे कितने वीर जवानों का त्याग और बलिदान छिपा हुआ है।
ज्ञापन में प्रतिवर्ष राजकीय स्तर पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित करने की भी मांग की गई है। उनका कहना है कि इससे नई पीढ़ी शहीदों के संघर्ष और बलिदान को समझ सकेगी तथा राष्ट्रभक्ति की भावना और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि देश अपने वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। सरकार को चाहिए कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले और शहीद लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी की स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए।
क्षेत्र के लोगों ने भी इस मांग का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही इस विषय पर निर्णय लेकर शहीद को वह सम्मान देगी, जिसके वह वास्तविक हकदार हैं।
वीर सपूत को मिले स्थायी सम्मान, शहीद लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी की स्मृति में प्रतिमा और स्मारक बनाने की उठी मांग
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