अल्मोड़ा। हवालबाग क्षेत्र पंचायत की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों को जमकर घेरा। बैठक में बिजली, पानी, सड़क, राशन व्यवस्था और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई। पूर्व बैठकों में उठाए गए मामलों का समाधान नहीं होने पर कई प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने नाराजगी जताई।
बैठक शुरू होने से पहले परियोजना निदेशक केएन तिवारी ने सदन को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से लागू इन नियमों के तहत ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने कूड़े के स्रोत पर पृथकीकरण, वैज्ञानिक निस्तारण और नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बीएलओ को सहयोग करने की अपील की, ताकि कोई पात्र व्यक्ति मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
बैठक में सबसे अधिक आक्रोश पेयजल समस्या को लेकर देखने को मिला। तलाड़बाड़ी, देवलीखान और भनरगांव के प्रधानों ने गांवों में पेयजल संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। देवलीखान की प्रधान ने कहा कि यदि जल्द जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वह अपने पद से इस्तीफा देने को मजबूर होंगी। गोलना करड़िया और स्यूरा क्षेत्र से भी पेयजल योजनाओं के धरातल पर नहीं उतरने की शिकायतें सामने आईं। जल जीवन मिशन के तहत हो रहे कार्यों और पानी की आपूर्ति पर भी कई सवाल उठाए गए।
कृषि विभाग की योजनाओं में ऑनलाइन माध्यम से कृषि टूलकिट वितरण का विरोध किया गया। प्रधानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश किसान तकनीकी जानकारी और इंटरनेट सुविधा के अभाव में योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग के खिलाफ भी नाराजगी देखने को मिली। राशन कार्डों से नाम काटे जाने और नई यूनिट नहीं जोड़े जाने की शिकायतें सदन में उठाई गईं।
विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी तीखी बहस हुई। ग्राम प्रधान अथरबनी ने ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाने और घरों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन हटाने की मांग दोहराई। हालांकि अधिशासी अभियंता ने शासनादेश का हवाला देते हुए समस्या का समाधान करने में असमर्थता जताई। इस पर कई जनप्रतिनिधियों ने विरोध दर्ज कराया।
ग्राम प्रधान स्यूरा प्रमोद जोशी ने धोतीगाढ़ मोटर मार्ग के डामरीकरण का मुद्दा उठाया। कई प्रधानों ने सड़क निर्माण के दौरान मलबा निस्तारण नहीं होने, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और पीएमजीएसवाई सड़कों के निर्माण से पैदल मार्ग प्रभावित होने की समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं।
बैठक में पंचायतीराज विभाग द्वारा प्रधानों के फंड से कंटीजेंसी राशि काटे जाने का मुद्दा भी गरमाया रहा। प्रधानों ने कहा कि पूर्व बैठक में कटौती रोकने का प्रस्ताव पारित होने के बावजूद विभाग फिर से कटौती की तैयारी कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के अंत में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री B. C. Khanduri के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य महेश नयाल, कुंदन राम, परियोजना निदेशक केएन तिवारी, तहसीलदार रवि शाह, बीडीओ एसएस दरियाल, एबीडीओ रमेश कनवाल, कनिष्ठ प्रमुख जानकी नयाल, प्रधान संगठन अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नयाल, महामंत्री विनोद जोशी, उपाध्यक्ष सुंदर मटियानी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
हवालबाग क्षेत्र पंचायत बैठक में पेयजल संकट पर फूटा गुस्सा, अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों ने घेरा
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