अल्मोड़ा।
अल्मोड़ा की पहचान उसकी ऐतिहासिक माल रोड और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई है। लेकिन शहर के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल माल रोड पर इन दिनों यातायात व्यवस्था खुद व्यवस्था संभालने वालों की वजह से प्रभावित होती दिखाई दे रही है।
पोस्ट ऑफिस के समीप स्थित नो-एंट्री जोन में पुलिस वाहनों के खड़े होने से रोजाना जाम की स्थिति पैदा हो रही है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में घंटों तक वाहन खड़े रहने के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और लोगों को निकलने में कठिनाई होती है।
माल रोड क्षेत्र पहले से ही सीमित चौड़ाई वाला मार्ग है। यहां पैदल यात्रियों, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में यदि सड़क के किनारे सरकारी वाहन लंबे समय तक खड़े रहें तो यातायात का दबाव और बढ़ जाता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि कोई आम व्यक्ति नो-एंट्री क्षेत्र में वाहन खड़ा करता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती है, लेकिन जब सरकारी वाहन उसी स्थान पर खड़े दिखाई देते हैं तो नियमों की समानता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
शहरवासियों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी कानून व्यवस्था के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके लिए यातायात को बाधित करना उचित नहीं कहा जा सकता। लोगों ने मांग की है कि पुलिस वाहनों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि आम जनता को परेशानी न उठानी पड़े।
उधर पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि अल्मोड़ा की पहली छवि माल रोड से बनती है। यदि यहां जाम, अव्यवस्था और नियमों की अनदेखी दिखाई देगी तो इसका असर पर्यटन पर भी पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समय-समय पर ईंधन संरक्षण और सार्वजनिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की बात करते रहे हैं। ऐसे में स्थानीय नागरिकों का मानना है कि सरकारी विभागों को भी इन संदेशों को व्यवहार में लागू करना चाहिए।
शहरवासियों ने प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि माल रोड क्षेत्र में पार्किंग और यातायात नियमों का समान रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि शहर की सुंदरता और व्यवस्था दोनों बनी रहें।




