द्वाराहाट से विशेष संवाददाता
बिपिन त्रिपाठी कुमाऊँ प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआईटी), द्वाराहाट इन दिनों युवाओं के जोश, अनुशासन और देशभक्ति का केंद्र बना हुआ है। 77 यूके वाहिनी एनसीसी, अल्मोड़ा द्वारा आयोजित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC) एवं नैनीताल ग्रुप के टीएससी कैडेट्स प्रशिक्षण शिविर में सैकड़ों कैडेट सैन्य जीवन के विभिन्न पहलुओं को करीब से समझ रहे हैं।
कमान अधिकारी कर्नल जितेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर का सातवां दिन कैडेटों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक रहा। दिनभर चले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बीच करियर मार्गदर्शन व्याख्यान ने युवाओं को भारतीय सेना में उपलब्ध अवसरों की नई दिशा दिखाई।
मेडिकल ऑफिसर मेजर पुष्पल चक्रवर्ती ने भारतीय सेना की मेडिकल शाखा के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक सेना में चिकित्सा सेवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सेना में डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होंने कैडेटों को सेना की मेडिकल भर्ती प्रणाली, प्रवेश परीक्षाओं, प्रशिक्षण संस्थानों तथा सेवा शर्तों की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि उनमें देश सेवा का जज्बा और चिकित्सा क्षेत्र में रुचि है तो भारतीय सेना उन्हें उत्कृष्ट मंच प्रदान कर सकती है।
इसके बाद सूबेदार मेजर सुनील कुमार ने सेना में भर्ती के विभिन्न मार्गों की जानकारी साझा की। उन्होंने अग्निवीर योजना, सैनिक भर्ती, एनडीए, सीडीएस और स्थायी कमीशन जैसी प्रक्रियाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि आज सेना युवाओं को केवल रोजगार नहीं बल्कि नेतृत्व, आत्मसम्मान और गौरवपूर्ण जीवन प्रदान करती है। उन्होंने कैडेटों को लक्ष्य निर्धारित कर नियमित तैयारी करने की सलाह दी।
शिविर में प्रशिक्षण गतिविधियां भी पूरे जोश के साथ जारी रहीं। कैडेटों ने ड्रिल अभ्यास के दौरान सैन्य अनुशासन का प्रदर्शन किया। वहीं .22 रायफल प्रशिक्षण में निशानेबाजी के मूल सिद्धांत और सुरक्षा नियमों का अभ्यास कराया गया।
आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण भी दिया गया। कैडेटों ने ड्रोन की कार्यप्रणाली, उड़ान नियंत्रण तथा इसके व्यावहारिक उपयोगों को समझा। यह सत्र युवाओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण में भूकंप, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी गई। कैडेटों को बताया गया कि संकट की घड़ी में प्रशिक्षित युवा समाज के लिए कितने उपयोगी साबित हो सकते हैं।
योग और शारीरिक प्रशिक्षण ने शिविर को संतुलित आयाम प्रदान किया। सुबह के सत्रों में योगाभ्यास तथा शारीरिक व्यायाम के माध्यम से कैडेटों में ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया गया।
अधिकारियों के अनुसार शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, राष्ट्रसेवा और टीम भावना का विकास करना है। सात दिनों के प्रशिक्षण के बाद कैडेटों में उल्लेखनीय आत्मविश्वास और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट कर्नल जे.सी. पंत, सूबेदार मेजर जगदीश सिंह मेहता, कैप्टन महिपाल सिंह, कैप्टन विनोद कुमार, लेफ्टिनेंट अशोक कुमार, सेकेंड अफसर अर्जुन सिंह तथा सेकेंड अफसर हीरा टम्टा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
एनसीसी कैडेटों को मिला सेना में सुनहरे भविष्य का मंत्र, शिविर में करियर और तकनीक का अनोखा संगम
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