अल्मोड़ा। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर देशभर में चल रही चर्चाओं और कथित अनियमितताओं के बीच जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा ने केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
जारी बयान में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के जीवन और करियर का आधार है। देशभर के छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम कर इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। कई परिवार अपनी आर्थिक सीमाओं के बावजूद बच्चों की पढ़ाई पर भारी खर्च करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता छात्रों के सपनों को प्रभावित करती है।
कांग्रेस ने कहा कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों ने युवाओं के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। छात्रों को यह विश्वास होना चाहिए कि उनकी मेहनत का मूल्यांकन निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से होगा। यदि परीक्षा प्रणाली पर ही सवाल उठने लगें तो पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि बार-बार सामने आ रही घटनाएं यह संकेत देती हैं कि परीक्षा सुरक्षा और संचालन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि यदि संबंधित एजेंसियां परीक्षाओं की गोपनीयता बनाए रखने में विफल रही हैं तो उनके विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
कांग्रेस ने मांग की कि नीट से जुड़े सभी विवादों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों को कठोर दंड दिया जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके। पार्टी ने आधुनिक तकनीक के उपयोग, साइबर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने तथा परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश का युवा आज रोजगार और शिक्षा से जुड़े अनेक संकटों का सामना कर रहा है। भर्ती परीक्षाओं में विलंब, पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी जैसी समस्याएं युवाओं को निराश कर रही हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह युवाओं का विश्वास बहाल करे और उन्हें निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराए।
उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी उसका युवा वर्ग होता है। यदि युवाओं का विश्वास व्यवस्था से उठ जाता है तो इसका प्रभाव देश की प्रगति पर भी पड़ता है। इसलिए परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाना समय की आवश्यकता है।
कांग्रेस ने कहा कि वह विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंताओं के साथ खड़ी है तथा उनके हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाती रहेगी। पार्टी ने केंद्र सरकार से अपील की कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न न लगे।
