250 से अधिक परिवार प्रभावित, सड़क मरम्मत के साथ 100 किलोवाट ट्रांसफार्मर और सोलर लाइट की मांग
जागेश्वर। जागेश्वर धाम के समीप स्थित कोटुली गांव में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। सड़क की खराब हालत, बार-बार बिजली व्यवस्था बाधित होने और रात में अंधेरे के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले को लेकर जागेश्वर धाम के मुख्य पुजारी एवं महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज (कैलाश चंद्र भट्ट) ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को पत्र भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की है।
उन्होंने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी कोटुली की मुख्य सड़क भारी बारिश के चलते कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर बने बड़े गड्ढों के कारण गांव के 250 से अधिक परिवारों के अलावा होमस्टे संचालकों, श्रद्धालुओं और जागनाथ धर्मार्थ आश्रम के निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
पत्र में बिजली की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया है। वर्तमान में गांव में 25 किलोवाट का ट्रांसफार्मर लगा है, जबकि क्षेत्र में आबादी बढ़ने के साथ होमस्टे, आश्रम और होटल जैसी गतिविधियां भी बढ़ी हैं। इसके चलते ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है और ग्रामीणों को लो-वोल्टेज तथा ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
महामंडलेश्वर ने गांव के लिए 100 किलोवाट क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने की मांग की है।
वहीं, दंडेश्वर मंदिर में देर रात तक धार्मिक सेवाएं देने वाले पुजारियों और अन्य ग्रामीणों के लिए रात में आवागमन भी चुनौती बना हुआ है। मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। इसके मद्देनजर कोटुली गांव तक सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की गई है।
कैलाशानंद महाराज ने प्रशासन से सड़क मरम्मत, विद्युत क्षमता बढ़ाने और प्रकाश व्यवस्था के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इन समस्याओं का शीघ्र संज्ञान लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को राहत प्रदान करेगा।
जागेश्वर के कोटुली गांव की बदहाली पर उठी आवाज
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