₹76.91 करोड़ की जिला योजना को मंजूरी, आजीविका और स्वरोजगार पर विशेष फोकस
चम्पावत।
जनपद चम्पावत में वर्ष 2026-27 के लिए जिला योजना को अंतिम रूप देते हुए ₹76.91 करोड़ (7691.40 लाख) के बजट के साथ समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया गया है। प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया।
बैठक में इस वर्ष पारंपरिक निर्माण कार्यों के साथ-साथ आजीविका संवर्धन और स्वरोजगार को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। जिला योजना में कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्रों के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
योजना के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें 107 ग्राम पंचायतों में फसलों की सुरक्षा के लिए 119 किमी चेन लिंक फेंसिंग, महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए ₹500 लाख का प्रावधान, 171 पशुपालकों को बकरी पालन यूनिट, 1000 लाभार्थियों को कुक्कुट पालन सहायता प्रमुख हैं। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग द्वारा 10 नई सड़कों का निर्माण, 4 पुल-पुलियों का निर्माण तथा 44 मार्गों के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य भी प्रस्तावित हैं। साथ ही 32 नई पेयजल योजनाएं भी योजना में शामिल की गई हैं।
पर्यटन एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु ₹540 लाख तथा बागवानी विकास के लिए ₹477.74 लाख का बजट निर्धारित किया गया है। योजना को भौतिक, सामाजिक, आजीविका एवं अन्य चार प्रमुख क्षेत्रों में संतुलित रूप से विभाजित किया गया है, जिसमें सड़क, पेयजल, सिंचाई एवं ऊर्जा जैसे भौतिक क्षेत्र के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण जैसे सामाजिक क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
बैठक में निर्देश दिए गए कि योजनाओं को क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाए तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। साथ ही अधूरे एवं चल रहे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने पर भी जोर दिया गया।
पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार भौतिक क्षेत्र में सर्वाधिक निवेश हुआ है, जबकि आजीविका क्षेत्र में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है, जिसे इस वर्ष भी प्राथमिकता में रखा गया है।
