अल्मोड़ा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) अल्मोड़ा द्वारा जिले में विशेष निरीक्षण अभियान चलाकर मेडिकल स्टोरों और औषधि प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अभियान के दौरान बसोली, ताकुला सहित विभिन्न क्षेत्रों में संचालित दवा दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई स्थानों पर नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए। विभाग ने अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
औषधि निरीक्षक पूजा जोशी ने बताया कि यह अभियान आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया गया। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोरों में औषधियों के भंडारण, बिक्री, खरीद और अभिलेखों की जांच की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी प्रतिष्ठान निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम ने दवाओं की गुणवत्ता, एक्सपायरी डेट, स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस दस्तावेज और अन्य अभिलेखों का गहन परीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ मेडिकल स्टोरों में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के नियमों का उल्लंघन पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने एक फर्म के औषधि लाइसेंस को निलंबित करने की संस्तुति की है। इसके साथ ही दो अन्य फर्मों की खरीद और बिक्री गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। विभाग का कहना है कि यदि कोई प्रतिष्ठान लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूजा जोशी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दो संदिग्ध दवा नमूने भी लिए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग नकली और घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं की बिक्री को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर संचालकों को कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे दवाओं के भंडारण और बिक्री के दौरान निर्धारित मानकों का पालन करें। इसके बावजूद यदि कोई प्रतिष्ठान नियमों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
FDA अधिकारियों ने कहा कि विभाग केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाने का भी काम कर रहा है। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे दवाएं खरीदते समय बिल अवश्य लें, एक्सपायरी डेट जांचें और किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना विभाग को दें।
इस अभियान के बाद जिले के कई मेडिकल स्टोर संचालकों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है। विभागीय टीमों द्वारा लगातार निरीक्षण किए जाने की संभावना के चलते अब कई प्रतिष्ठान अपने रिकॉर्ड और लाइसेंस दस्तावेजों को व्यवस्थित करने में जुट गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसे निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।
