‘प्रशंसनीय श्रेणी’ में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित, 32 केंद्रीय संस्थानों की सामूहिक उपलब्धि
अल्मोड़ा। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में अल्मोड़ा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धि दर्ज कराई है। 15 सितंबर 2026 को आयोजित सम्मेलन में अल्मोड़ा नराकास को राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ‘प्रशंसनीय श्रेणी’ का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
पुरस्कार राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की सचिव अंशुली आर्या (आईएएस) सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा नराकास के अध्यक्ष एवं भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत तथा सदस्य सचिव, मुख्य तकनीकी अधिकारी एवं प्रभारी राजभाषा अधिकारी रेनू सनवाल को प्रदान किया गया।
अल्मोड़ा नराकास के अंतर्गत जिले के 32 केंद्रीय कार्यालय, सार्वजनिक उपक्रम, बैंक, सशस्त्र सीमा बल एवं अन्य केंद्रीय संस्थान आते हैं। पर्वतीय और अपेक्षाकृत दूरस्थ क्षेत्र में कार्यरत इन संस्थानों के बीच हिंदी के नियमित एवं प्रभावी प्रयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में समिति द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है।
राजभाषा अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कार्यालयों के दैनिक कामकाज में हिंदी के सहज प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संस्थानों के राजभाषा अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों द्वारा निरंतर प्रयास किए गए। समिति की बैठकों, गतिविधियों और राजभाषा संबंधी कार्यों में सदस्यों की सक्रिय भागीदारी ने इस उपलब्धि को संभव बनाया।
अल्मोड़ा नराकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसी एक कार्यालय की उपलब्धि न होकर समिति के अंतर्गत आने वाले सभी संस्थानों के सामूहिक प्रयास और प्रतिबद्धता का परिणाम है। पुरस्कार मिलने से अल्मोड़ा के केंद्रीय कार्यालयों और संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों में भी उत्साह का माहौल है।
समिति से जुड़े अधिकारियों ने सभी विभागाध्यक्षों और राजभाषा अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी के प्रति निरंतर निष्ठा और दैनिक कार्यालयी कार्यों में उसके प्रभावी उपयोग ने इस सम्मान की राह तैयार की है।
राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होने के बाद अल्मोड़ा नराकास के सामने राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन को और मजबूत करने की नई जिम्मेदारी भी है। समिति का उद्देश्य भविष्य में भी सभी सदस्य संस्थानों के सहयोग से हिंदी के सरल, सहज और प्रभावी प्रयोग को आगे बढ़ाना है।
राष्ट्रीय मंच पर अल्मोड़ा नराकास को मिला यह सम्मान पर्वतीय क्षेत्र में राजभाषा हिंदी के प्रति प्रतिबद्धता और सामूहिक प्रयासों की उल्लेखनीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
मुंबई के राजभाषा सम्मेलन में अल्मोड़ा नराकास ने बढ़ाया पर्वतीय क्षेत्र का मान
Leave a Comment
