अल्मोड़ा। भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री दर्शन रावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रस्तावित जनसभा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि विश्वविद्यालय परीक्षाओं के दौरान बड़े राजनीतिक आयोजनों से विद्यार्थियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से छात्रों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है।
प्रेस को जारी बयान में दर्शन रावत ने कहा कि अल्मोड़ा के एसएसजे परिसर में वर्तमान समय में विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें हजारों छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। ऐसे समय में किसी भी बड़े सार्वजनिक आयोजन का सीधा प्रभाव शहर की यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को रैली और जनसभा आयोजित करने का अधिकार है, लेकिन इस अधिकार के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। यदि किसी क्षेत्र में परीक्षाएं चल रही हों तो कार्यक्रमों का निर्धारण करते समय विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
भाजपा नेता ने कहा कि प्रस्तावित रैली के कारण शहर में भीड़भाड़ और यातायात दबाव बढ़ने की संभावना है। इससे विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है जो ग्रामीण क्षेत्रों से परीक्षा देने के लिए अल्मोड़ा पहुंचते हैं। समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में धारा 144 प्रभावी होने के कारण प्रशासन पहले से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटा हुआ है। ऐसे में एक बड़े राजनीतिक आयोजन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और संसाधनों की आवश्यकता पड़ेगी, जिससे प्रशासनिक दबाव बढ़ सकता है।
दर्शन रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को विद्यार्थियों और युवाओं के हितों के प्रति अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम की तिथि और स्थान निर्धारित करते समय परीक्षा कार्यक्रमों और शैक्षणिक गतिविधियों का समुचित ध्यान नहीं रखा गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा लोकतांत्रिक अधिकारों की विरोधी नहीं है, लेकिन यह मानती है कि शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। राजनीतिक कार्यक्रमों का आयोजन इस प्रकार किया जाना चाहिए कि उससे किसी भी छात्र को असुविधा न हो।
भाजपा नेता ने जिला प्रशासन से अपील की कि परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष यातायात व्यवस्था लागू की जाए, पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए और विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी भी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए।
उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को अग्रिम योजना बनानी चाहिए ताकि परीक्षा प्रक्रिया और सार्वजनिक व्यवस्था दोनों सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
प्रेस विज्ञप्ति में अंत में कहा गया है कि छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम से अधिक महत्वपूर्ण है और सभी दलों को इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए अपने निर्णय लेने चाहिए।
परीक्षाओं के बीच राजनीतिक रैली को लेकर भाजपा की आपत्ति, जिला प्रशासन से विशेष व्यवस्था की मांग
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