द्वाराहाट। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश, ठंडी हवाएं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां भी उन युवाओं के हौसलों को नहीं डिगा सकीं जो देश सेवा का सपना लेकर एनसीसी प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। बिपिन त्रिपाठी कुमाऊँ प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआईटी), द्वाराहाट में आयोजित 77 यूके वाहिनी एनसीसी अल्मोड़ा के संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का तीसरा दिन इसी जज्बे और समर्पण का साक्षी बना।
कमान अधिकारी कर्नल जितेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में संचालित यह दस दिवसीय शिविर युवाओं को केवल सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी नेतृत्व, अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ा रहा है। शिविर में लगभग 500 कैडेट भाग ले रहे हैं, जिनमें विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
तीसरे दिन सुबह से ही क्षेत्र में बारिश का दौर जारी रहा। सामान्य परिस्थितियों में ऐसी स्थिति कार्यक्रमों को प्रभावित कर सकती थी, लेकिन एनसीसी कैडेटों ने अपने उत्साह और प्रतिबद्धता से यह साबित कर दिया कि चुनौतियां केवल मजबूत बनने का अवसर देती हैं।
शिविर में ड्रिल प्रशिक्षण के दौरान कैडेटों ने अनुशासित कदमताल और सामूहिक समन्वय का प्रदर्शन किया। सैन्य जीवन की आधारशिला मानी जाने वाली ड्रिल ने उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का कार्य किया।
.22 रायफल प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेटों को हथियारों की सुरक्षा, संचालन और जिम्मेदारी के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने उन्हें बताया कि हथियार केवल शक्ति का प्रतीक नहीं बल्कि अनुशासन और जिम्मेदारी का भी परिचायक होते हैं।
आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए ड्रोन संचालन प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। वर्तमान समय में रक्षा, आपदा प्रबंधन और निगरानी कार्यों में ड्रोन की बढ़ती भूमिका को देखते हुए यह प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी माना जा रहा है। कैडेटों ने इस प्रशिक्षण में विशेष रुचि दिखाई और तकनीकी पहलुओं को समझने का प्रयास किया।
उत्तराखण्ड जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्र में आपदा प्रबंधन का महत्व अत्यधिक है। इसी को ध्यान में रखते हुए कैडेटों को राहत एवं बचाव कार्यों, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के तरीके सिखाए गए।
योग और शारीरिक प्रशिक्षण सत्रों ने शिविर में ऊर्जा का संचार किया। प्रशिक्षकों ने कैडेटों को स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक दृढ़ता और सकारात्मक सोच के महत्व से अवगत कराया।
शिविर प्रशासन के अनुसार आगामी दिनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, वाद-विवाद प्रतियोगिता, समूह चर्चा, नेतृत्व विकास कार्यशालाएं तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से कैडेटों की प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जाएगा।
एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल जे.सी. पंत सहित सभी अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों ने कैडेटों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करते हैं।
एनसीसी का मूल उद्देश्य “एकता और अनुशासन” है और द्वाराहाट में चल रहा यह शिविर इस आदर्श को वास्तविक रूप में प्रदर्शित कर रहा है। बारिश के बीच भी प्रशिक्षण जारी रखने वाले कैडेटों ने यह संदेश दिया है कि राष्ट्र सेवा के मार्ग में आने वाली कठिनाइयां उनके संकल्प को और अधिक मजबूत बनाती हैं।
बारिश भी नहीं रोक सकी जज्बा-ए-खिदमत: एनसीसी कैडेटों ने दिखाया अनुशासन और समर्पण
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