बोर्ड बैठक के बाद संयुक्त कर्मचारी बैठक में फूटा आक्रोश, कहा—लगातार हस्तक्षेप से बाधित हो रहा प्रशासनिक कामकाज
अल्मोड़ा। नगर निगम अल्मोड़ा की बोर्ड बैठक के बाद कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ते टकराव ने अब खुला रूप ले लिया है। देवभूमि उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी संघ एवं निकाय कर्मचारी संघ की संयुक्त बैठक में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कुछ पार्षद लगातार विभागीय कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं और कर्मचारियों पर नियमों से हटकर कार्य कराने का दबाव बना रहे हैं।
बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी और इसका सीधा असर जनता को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ेगा।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों से सीधे अभद्र भाषा में बात करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों का सम्मान है, लेकिन कर्मचारियों की गरिमा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
बैठक में महिला कर्मचारियों ने मानसिक दबाव और कार्यस्थल पर असहज वातावरण की शिकायत करते हुए प्रशासन से सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की।
कर्मचारियों ने कहा कि पेंशन, प्रमाण पत्र, टैक्स, बिजली, झाड़ी कटान और अन्य विभागीय कार्यों में नियमों की अनदेखी कर तत्काल कार्रवाई का दबाव बनाया जाता है। इससे न केवल कार्य प्रभावित होते हैं बल्कि कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ती है।
संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने, महिला शौचालय निर्माण, अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति और विभागीय कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप रोकने की मांग की।
बैठक में यह भी कहा गया कि बोर्ड बैठकों में एजेंडे पर चर्चा के बजाय अन्य विषयों को लेकर अनावश्यक विवाद किया जाता है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं।
प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार ने स्पष्ट कहा कि कर्मचारी नियमों के अनुसार कार्य करेंगे और किसी भी प्रकार के दबाव में आकर गलत कार्य नहीं करेंगे। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट रहने और अनुशासन के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
