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रानीधारा का गौरव: विवेकानंद इंटर कॉलेज ने फिर रचा इतिहास, बोर्ड परीक्षा में चमके सितारे
अल्मोड़ा।
शिक्षा के क्षेत्र में अल्मोड़ा का नाम एक बार फिर पूरे उत्तराखंड में रोशन हुआ है। शहर के रानीधारा स्थित विवेकानंद इंटर कॉलेज ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए नई उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय के छात्रों ने न केवल उत्कृष्ट परिणाम दिए, बल्कि राज्य वरीयता सूची में स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में विद्यालय के 232 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 98.2 प्रतिशत छात्र सफल रहे। यह परिणाम विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता और निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। वहीं इंटरमीडिएट में 188 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें 93 प्रतिशत छात्र सफल हुए। दोनों स्तरों पर यह प्रदर्शन जिले के लिए गर्व का विषय बन गया है।
हाईस्कूल में आरुषि बनौला ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने 500 में से 477 अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में 8वां स्थान हासिल किया। उनके विषयवार अंक भी उनकी मेहनत को दर्शाते हैं—हिंदी में 99, संस्कृत में 96, गणित और विज्ञान में 93-93, सामाजिक विज्ञान में 96 और अंग्रेजी में 82 अंक प्राप्त कर उन्होंने प्रथम श्रेणी ऑनर्स में सफलता हासिल की।
आरुषि की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि समर्पण और अनुशासन के साथ पढ़ाई करने से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनके माता-पिता—भूपाल सिंह और चंद्रा देवी—ने बेटी की सफलता पर गर्व जताते हुए इसे उसकी मेहनत का परिणाम बताया।
हाईस्कूल के अन्य छात्रों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। उमंग बिष्ट ने 19वां स्थान, तनुज तिवारी ने 22वां स्थान और निखिल गुरुरानी ने 25वां स्थान प्राप्त कर विद्यालय की प्रतिष्ठा को और ऊंचा किया। इन छात्रों की सफलता ने यह संदेश दिया कि विद्यालय में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
इंटरमीडिएट में भी विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत का शानदार परिणाम दिखाया। प्रियांशु पाठक ने 10वां स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया, जबकि राहुल रौतेला ने 13वां स्थान हासिल किया। आयुष अधिकारी और धनंजय भट्ट ने संयुक्त रूप से 20वां स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा प्रियांशु गैड़ा 22वें और गौतम कनवाल 25वें स्थान पर रहे।
विद्यालय प्रशासन ने इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। प्रधानाचार्य ने कहा कि यह उपलब्धि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों की लगन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक शिक्षा और अनुशासन पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जो छात्रों के समग्र विकास में सहायक होता है।
इस उपलब्धि से पूरे रानीधारा क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने विद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का कार्य करती है। छात्रों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि छोटे शहरों से भी बड़े सपने साकार किए जा सकते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के परिणाम न केवल विद्यालय की गुणवत्ता को दर्शाते हैं, बल्कि पूरे जिले के शैक्षिक माहौल को भी सकारात्मक दिशा देते हैं। यह सफलता अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
अंततः, विवेकानंद इंटर कॉलेज, रानीधारा की यह उपलब्धि केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्टता की एक प्रेरणादायक कहानी है, जो आने वाले वर्षों में भी सफलता के नए आयाम स्थापित करेगी।
