अल्मोड़ा। जिस विद्यालय में कभी एक छात्रा ने अपने भविष्य के सपने बुने थे, उसी विद्यालय में वर्षों बाद उच्च प्रशासनिक पद पर पहुंचकर लौटना अपने आप में प्रेरणादायी रहा। पीएम श्री राजा आनंद सिंह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, अल्मोड़ा की पूर्व छात्रा श्रद्धा जोशी शर्मा, जो वर्तमान में मुंबई में कमिश्नर कस्टम्स के पद पर कार्यरत हैं, ने विद्यालय पहुंचकर छात्राओं से संवाद किया।
विद्यालय परिवार ने श्रद्धा जोशी शर्मा का आत्मीय स्वागत किया। छात्राओं से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की यादें साझा करते हुए सफलता के लिए बड़े सपने देखने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए कठिन परिश्रम के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच जरूरी है। उनका कहना था कि सादा जीवन और उच्च विचार व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार जारी रहे तो सफलता का रास्ता बनाया जा सकता है।
अपने विद्यालय की पूर्व छात्रा को प्रशासनिक सेवा के महत्वपूर्ण पद पर देखकर छात्राओं में खासा उत्साह नजर आया। श्रद्धा जोशी शर्मा के अनुभवों ने छात्राओं को अपने भविष्य के प्रति गंभीरता से सोचने और ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर उनके पिता प्रोफेसर जी.सी. जोशी, जो सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हैं, तथा माता लीला जोशी, जो आर्य कन्या इंटर कॉलेज से सेवानिवृत्त हैं, भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अभिभावकों, बीएड प्रशिक्षुओं, छात्राओं और विद्यालय की शिक्षिकाओं ने भाग लिया। प्रधानाचार्या विजया पंत एवं विद्यालय परिवार ने श्रद्धा जोशी शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सफलता विद्यालय की छात्राओं के लिए एक जीवंत उदाहरण और प्रेरणा है।
पूर्व छात्रा का विद्यालय आगमन छात्राओं के लिए एक यादगार अनुभव बन गया और उन्हें यह संदेश दे गया कि सपनों को ऊंचा रखकर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ा जाए तो सफलता हासिल की जा सकती है।
जब पूर्व छात्रा लौटीं अपने विद्यालय, छात्राओं को मिला बड़े सपने देखने का संदेश
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